Question:

'हास्य' रस अथवा 'करुण' रस की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।

Updated On: Sep 23, 2026
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Solution and Explanation

परिभाषा:
विचित्र वेशभूषा, वाणी, चेष्टा आदि विभावों को देखकर हृदय में जो हास नामक स्थायी भाव जाग्रत होकर रस-रूप में परिपुष्ट होता है, उसे हास्य रस कहते हैं।

उदाहरण:
"नाक-भौं सिकोड़े, टेढ़ी पगड़ी बाँधे चला जाता है पंडित जी का बालक, देख सभी हँस पड़े।" — इस प्रकार की चेष्टाओं का वर्णन हास्य रस उत्पन्न करता है।
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