Question:

'शृंगार' रस की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।

Updated On: Sep 23, 2026
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Solution and Explanation

परिभाषा:
जहाँ नायक-नायिका के मन में परस्पर रति (प्रेम) भाव का स्थायी भाव विभाव, अनुभाव और संचारी भावों के संयोग से रसरूप में परिपुष्ट होकर व्यक्त होता है, वहाँ शृंगार रस होता है। यह संयोग और वियोग — दो भेदों में विभक्त है।

उदाहरण:
"बतरस लालच लाल की, मुरली धरी लुकाय। सैंया भए कोतवाल, अब डर काहे को।" — इस पंक्ति में नायिका के मुरली छिपाने के प्रसंग से शृंगार (संयोग) रस की व्यंजना होती है।
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