Question:

'सोरठा' छन्द की उदाहरण-सहित परिभाषा दीजिए।

Updated On: Sep 23, 2026
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Solution and Explanation

परिभाषा:
सोरठा एक अर्द्धसम मात्रिक छन्द है, जो दोहे का उल्टा रूप है — इसमें चार चरण होते हैं, प्रथम व तृतीय चरण में 11-11 मात्राएँ तथा द्वितीय व चतुर्थ चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं (दोहे में यह क्रम उलटा होता है)। विषम चरणों के अन्त में लघु-गुरु तथा सम चरणों के अन्त में गुरु-लघु मात्राक्रम अनिवार्य होता है।

उदाहरण:
"जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।" — यह प्रसिद्ध पंक्ति सोरठा छन्द का उदाहरण है।
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