Question:

'सप्तक' के कवियों को 'राहों का अन्वेषी' कथन है:

Updated On: Sep 24, 2026
  • गिरिजाकुमार माथुर का
  • भारतभूषण अग्रवाल का
  • रामविलास शर्मा का
  • सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' का
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
प्रश्न पूछता है कि ‘सप्तक’ के कवियों को ‘राहों का अन्वेषी’ किसने कहा। ‘सप्तक’ का अर्थ है तारसप्तक, दूसरा सप्तक आदि काव्य-संकलन, जो प्रयोगवाद के आधार-ग्रन्थ हैं।

चरण 2: तथ्य:
‘तारसप्तक’ (सन् 1943) का सम्पादन सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ ने किया था।
उसकी भूमिका में अज्ञेय ने लिखा कि इन कवियों में कोई एक वाद या एक स्कूल नहीं है। ये कवि राही नहीं, राहों के अन्वेषी हैं, अर्थात् नई राहें खोजने वाले हैं।
इसी कथन के कारण प्रयोगवादी कवि ‘राहों के अन्वेषी’ कहे जाते हैं।

चरण 3: गलत विकल्पों की जाँच:
(A) गिरिजाकुमार माथुर: ये तारसप्तक के एक कवि हैं, सम्पादक या इस कथन के कहने वाले नहीं।
(B) भारतभूषण अग्रवाल: ये भी तारसप्तक के कवि हैं, कथन इनका नहीं है।
(C) रामविलास शर्मा: ये भी तारसप्तक के कवि हैं, पर यह कथन इनका नहीं है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प (D) सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ का।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board XII साहित्यिक परिचय Questions

View More Questions