Question:

'हालावाद' का प्रवर्तक कहा जाता है

Updated On: Sep 24, 2026
  • गोपाल सिंह नेपाली को
  • हरिवंश राय 'बच्चन' को
  • भगवती चरण वर्मा को
  • महादेवी वर्मा को
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
हालावाद हिन्दी कविता की वह धारा है, जिसमें मदिरा, प्याला और साकी के प्रतीकों से जीवन की मस्ती और दर्शन को कहा गया है। इसके प्रवर्तक हरिवंश राय ‘बच्चन’ हैं। उनकी ‘मधुशाला’ (1935), ‘मधुबाला’ और ‘मधुकलश’ इसी धारा की रचनाएँ हैं।

चरण 2: विकल्पों की जाँच:
(A) गोपाल सिंह नेपाली - गलत। ये प्रेम और प्रकृति के गीतकार हैं।
(B) हरिवंश राय ‘बच्चन’ - सही।
(C) भगवती चरण वर्मा - गलत। ये ‘चित्रलेखा’ उपन्यास के कारण प्रसिद्ध हैं।
(D) महादेवी वर्मा - गलत। ये छायावाद की कवयित्री हैं और वेदना के लिए जानी जाती हैं।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प (B) हरिवंश राय ‘बच्चन’
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