Question:

'छायावाद' की विशेषता है:

Updated On: Sep 24, 2026
  • इतिवृत्तात्मकता
  • सौन्दर्य एवं प्रेम
  • शृंगारिक भावना
  • उपदेशात्मक वृत्ति
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: छायावाद का परिचय:
छायावाद हिन्दी कविता की वह धारा है जो लगभग 1918 से 1936 तक चली। इसके प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानन्दन पन्त, सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ और महादेवी वर्मा हैं।

चरण 2: सही विकल्प:
छायावादी कविता में प्रकृति के सौन्दर्य, मानव-सौन्दर्य और प्रेम का सूक्ष्म तथा भावुक चित्रण मिलता है। इसलिए (B) सौन्दर्य एवं प्रेम सही है।

चरण 3: गलत विकल्पों का कारण:
(A) इतिवृत्तात्मकता द्विवेदी युग की विशेषता है, जिसमें घटनाओं का सीधा वर्णन होता था।
(C) शृंगारिक भावना रीतिकाल की मुख्य प्रवृत्ति है।
(D) उपदेशात्मक वृत्ति भी द्विवेदी युग की कविता में अधिक मिलती है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प (B) सौन्दर्य एवं प्रेम है।
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