Question:

'दीप जले-शंख बजे' रचना की विधा है:

Updated On: Sep 24, 2026
  • आत्मकथा
  • जीवनी
  • रेखाचित्र
  • संस्मरण
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: रचना और रचनाकार:
‘दीप जले शंख बजे’ कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ की कृति है। इसमें लेखक ने अपने अनुभव में आए लोगों और घटनाओं को स्मृति के आधार पर लिखा है।

चरण 2: विकल्पों की जाँच:
(A) आत्मकथा: इसमें लेखक अपने पूरे जीवन की कथा कहता है। यह कृति ऐसी नहीं है।
(B) जीवनी: इसमें किसी दूसरे व्यक्ति का जीवन-वृत्त होता है। यह भी नहीं है।
(C) रेखाचित्र: ‘माटी हो गई सोना’ और ‘जिन्दगी मुस्कराई’ प्रभाकर जी के रेखाचित्र हैं।
(D) संस्मरण: स्मृति के आधार पर लिखी गई रचना संस्मरण है। ‘दीप जले शंख बजे’ और ‘भूले-बिसरे चेहरे’ उनके संस्मरण हैं।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प (D) संस्मरण।
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