निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत अलंकारों के नाम पहचानकर लिखिए (कोई दो):
• (१) चरण-सरोज पखारन लागा।
• (२) जान पड़ता है नेत्र देख बड़े-बड़े। हौरकों में गोल नीलम हैं जड़े।।
• (३) हनुमंत की पूँछ में लग न पाई आग। लंका सगरी जल गई, गए निशाचर भाग।।
• (४) करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान। रसरी आवत जात है, सिल पर पड़त निसान।।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

(१) संजाल पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए विलोम शब्द लिखिए:
(१) वियोग ×
(२) उत्तीर्ण ×
(३) नापसंद ×
(४) अज्ञान ×
(३) 'जीवन में मित्रों का महत्त्व' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

(१) आकृति पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(१) आनंद
(२) नभ
(३) पुत्री
(४) सजगता
(३) 'वर्तमान पीढ़ी के युवक-युवतियों का जीवन के प्रति बदला दृष्टिकोण' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में स्पष्ट लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए (कोई दो):
(१) 'आदर्श बदला' कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
(२) 'पाप के चार हथियार' पाठ का संदेश लिखिए।
(३) 'मनुष्य के स्वार्थ के कारण रिश्तों में आई हुई दूरी' पर अपने विचार 'कोखजाया' पाठ के आधार पर लिखिए।
निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का मात्र एक वाक्य में उत्तर लिखिए (कोई दो):
(१) हिंदी के कुछ आलोचकों द्वारा महादेवी वर्मा को दी गई उपाधि का नाम लिखिए।
(२) आशारानी व्होरा जी के लेखन कार्य का प्रमुख उद्देश्य लिखिए।
(३) कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर जी' के किन्हीं दो निबंध संग्रहों के नाम लिखिए।
(४) 'कोखजाया' कहानी के हिन्दी अनुवादक का नाम लिखिए।
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

(१) उत्तर लिखिए:
(i) हमें हृदय की इस बात को खोजना है
(ii) हर एक राही को भटककर मिलती है
(iii) इसे मुस्कान से ढकना बेकार है
(iv) यह आदर्श नहीं हो सकती है
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए प्रत्यय निकालकर मूल शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(१) सत्यता
(२) सुखी
(३) राही
(४) मुस्कुराहट
(३) 'संघर्ष करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए (कोई दो):
(१) पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
(२) राधा-वदन चंद सो सुंदर।
(३) पड़ी अचानक नदी अपार। घोड़ा उतरे कैसे पार।। राणा ने सोचा इस पार। तब तक चेतक था उस पार।।
(४) एक म्यान में दो तलवारें, कभी नहीं रह सकती हैं। किसी और पर प्रेम पति का, नारियाँ नहीं सह सकती हैं।
निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए (कोई दो):
(1) प्यारे जी मैंने राम रतन धन पायो।
(2) राधा-बदन चंद सो सुंदर।
(3) चढ़ी अनंगन नंदि अंबार।
भूड़ा उतरै कैसे पार।।
राणा ने सोचा इह पार।
तब तक पेखत झा उस पार।।
(4) एक प्राण में दो तलवारें, कभी नहीं रह सकती हैं।
किसी और पर प्रेम पिया का, नारी नहीं रह सकती है।