'नीड़ का निर्माण फिर' के रचनाकार हैं
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
मित्रता के लिए यह आवश्यक नहीं है कि दो मित्र एक ही प्रकार के कार्य करते हों या एक की रुचि हो। इसी प्रकार प्रकृति और आचारण की समानता भी आवश्यक नहीं है। दो भिन्नप्रकृति के मनुष्यों में बराबर प्रीति और मित्रता रही है। राम धीमे और शान्त प्रकृति के थे, लक्ष्मण उग्र और उद्दाम प्रकृति के थे, पर दोनों भाइयों में अत्यन्त प्रगाढ़ स्नेह था। उदार तथा उच्चाचार कर्ण और लोभी दुर्योधन के स्वभाव में कुछ विशेष समानता न थी पर उन दोनों की मित्रता खूब निबाही।
(i) प्रस्तुत अवतरण के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) प्रस्तुत गद्यांश में लेखक क्या कहना चाहता है?
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
अजन्ता संसार की चित्रकलाओं में अपना अद्वितीय स्थान रखता है। इतने प्राचीन काल के इतने सजीव, इतने गतिमान, इतने बहुसंयत कथा-प्राण चित्र कहीं नहीं बने। अजन्ता के चित्रों ने देश–विदेश सर्वत्र की चित्रकला को प्रभावित किया। उसका प्रभाव पूर्व के देशों की कला पर तो पड़ा ही, मध्य-पूर्वीय एशिया भी उसके कल्पनात्मक प्रभाव से बन्धित न रह सका।
(i) प्रस्तुत गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) अजन्ता की कला का बाहर के देशों पर क्या प्रभाव पड़ा?
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
हिन्दी में प्रगतिशील साहित्य का निर्माण हो रहा है । उसके निर्माता यह समझ रहे हैं कि उनके साहित्य में भविष्य का गौरव निहित है । पर कुछ ही समय के बाद उनका यह साहित्य भी अतीत का स्मारक बन जाएगा और आज जो तरुण है, वही वृद्ध होकर अतीत के गौरव का स्वप्न देखेंगे । उनके स्थान में तरुणों का फिर दूसरा दल आ जाएगा जो भविष्य का स्वप्न देखेगा । दोनों के ही स्वप्न सुखद होते हैं, क्योंकि दूर के ढोल सुहावने होते हैं ।
'महादेवी वर्मा' द्वारा रचित रेखाचित्र है
'कोणार्क' के रचनाकार हैं