Question:

माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत। 
श्रोतृवृन्दः - नदीपूजनम्? किमर्थं नदीपूजनम्? 
कीर्तनकारः - नूदी खलु जीवनदायिनी। अतः अस्मिन्नव्सरे कृतज्ञतां प्रदर्शयितुं जनाः जले दीपदानं कुर्वन्ति। द्रोणे दीपं प्रज्वाल्य नदीजले समर्पयन्ति। जलं प्राशनार्थम्। कृषिवर्धनार्थम्। विद्युत्निर्माणार्थम्। जलं जीवनार्थम्॥ सजीवानां कृते नदी देवितमा। नदी मातृतमा। 
 

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माध्यमभाषा में सरलार्थ व्यक्त करते समय, वाक्य की मूल भावना को सीधे और सटीक रूप से व्यक्त करना महत्वपूर्ण होता है।
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Solution and Explanation


श्रोतृवृन्दः ने पूछा, "नदीपूजन क्यों?"
कीर्तनकारः ने उत्तर दिया, "नदी सच में जीवन देने वाली है। इसलिए इस अवसर पर कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए लोग नदी में दीपदान करते हैं। वे दीप जलाकर नदी में समर्पित करते हैं। जल का उपयोग जीवन के विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है - पीने के लिए, कृषि के लिए, और विद्युत निर्माण के लिए। जल जीवन का आधार है। नदी हमारे जीवन के लिए एक मातरूप है और देवता के समान है।"
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