Question:

काव्यशास्त्रविनोदेन कालो गच्छति धीमताम् । व्यसनेन च मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा ।।

Show Hint

श्लोक की व्याख्या करते समय, पहले श्लोक का सामान्य अर्थ लिखें और फिर उसमें निहित भाव या संदेश को स्पष्ट करें। कठिन शब्दों का अर्थ अलग से समझाने से व्याख्या अधिक प्रभावशाली होती है।
Updated On: Nov 17, 2025
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

हिन्दी में व्याख्या:
प्रस्तुत श्लोक में बुद्धिमान और मूर्ख व्यक्तियों के समय बिताने के ढंग में अन्तर को स्पष्ट किया गया है। कवि कहते हैं कि धीमताम् अर्थात् बुद्धिमान और विद्वान् व्यक्तियों का कालः (समय) काव्यशास्त्रविनोदेन (काव्य और शास्त्रों की चर्चा के आनंद में) गच्छति (बीतता है)। बुद्धिमान लोग अपना समय अच्छी पुस्तकों को पढ़ने, ज्ञान-विज्ञान की चर्चा करने और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगाते हैं, जिससे उन्हें आनंद की प्राप्ति होती है। इसके विपरीत, मूर्खाणाम् (मूर्ख लोगों का) समय व्यसनेन (बुरी आदतों में, जैसे जुआ खेलना, मदिरापान करना), निद्रया (अत्यधिक सोने में) वा (अथवा) कलहेन (लड़ाई-झगड़ा करने में) बीतता है। मूर्ख व्यक्ति अपने बहुमूल्य समय को व्यर्थ के और विनाशकारी कार्यों में नष्ट कर देते हैं।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board X संस्कृत श्लोक Questions

View More Questions