Question:

गद्यांश: पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुन्दर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अन्तिम महूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं। मेरी दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती। फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है। असली कारण मेरे अन्तर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा-सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ।
(iv) प्रस्तुत गद्यांश का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: गद्यांश का विषय:
यह ‘अशोक के फूल’ निबन्ध का आरम्भ है। इसमें लेखक फूले हुए अशोक को देखकर अपनी उदासी की बात करते हैं।

चरण 2: उद्देश्य:
1. अपनी उदासी को दूसरों की निराशावादी सोच से अलग बताना।
2. पाठक के मन में जिज्ञासा जगाना कि सुन्दर अशोक को देखकर भी लेखक उदास क्यों हैं।
3. आगे के निबन्ध की भूमिका बाँधना, जिसमें अशोक की भारतीय संस्कृति में भूली-बिसरी महिमा का वर्णन है।

निष्कर्ष:
गद्यांश का उद्देश्य लेखक की भावुक मनःस्थिति को सरलता से प्रकट करना और निबन्ध के मुख्य विषय की ओर पाठक को ले जाना है।
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