Question:

गद्यांश: पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुंदर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अंतिम मुहूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं। मेरी दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती है फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है। असली कारण तो मेरे अंतर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ।
(iv) लेखक ने किस प्रकार गद्यांश के उद्देश्य को स्पष्ट करने की बात कही है?

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
प्रश्न यह जानना चाहता है कि लेखक गद्यांश के उद्देश्य को यानी अपनी उदासी के कारण को किस तरह स्पष्ट करने की बात कहता है।

चरण 2: गद्यांश के अनुसार:
लेखक कहता है कि उसकी उदासी का असली कारण तो अन्तर्यामी अर्थात् ईश्वर ही जानते होंगे। फिर भी वह स्वयं कुछ थोड़ा-सा अनुमान लगा सकता है। इसलिए वह उसी अनुमान के आधार पर अपनी उदासी का कारण आगे समझाने की बात कहता है।

अंतिम उत्तर:
लेखक ने अपने अनुमान के सहारे, अपनी सीमित समझ के अनुसार, उदासी का कारण स्पष्ट करने की बात कही है।
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