Question:

गद्यांश: न्यूनतम में गुजारा करने और जीवन बिताने में भी कोई हर्ज नहीं है। महात्मा गाँधी ने ऐसा ही जीवन जिया था, लेकिन जैसा कि उनके साथ था, आपके मामले में भी यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है। आपकी ऐसी जीवन-शैली इसलिये है क्योंकि इससे वे तमाम जरूरतें पूरी होती हैं जो आपके भीतर की गहराइयों से उपजी होती हैं। लेकिन त्याग की प्रतिमूर्ति बनना और जोर-जबरदस्ती से चुनना-सहने का गुणगान करना अलग बातें हैं।
(iii) मनुष्य को सदैव किस प्रकार की जीवन शैली अपनानी चाहिए?

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
प्रश्न पूछता है कि मनुष्य को कैसी जीवन-शैली अपनानी चाहिए। उत्तर गद्यांश के भाव से लेना है।

चरण 2: गद्यांश के अनुसार उत्तर:
मनुष्य को ऐसी जीवन-शैली अपनानी चाहिए, जो उसकी अपनी पसंद हो और उसकी भीतर की सच्ची आवश्यकताओं को पूरा करे।
वह जीवन दूसरों को दिखाने या जोर-जबरदस्ती के कारण नहीं, अपनी इच्छा और संतोष से चुना जाना चाहिए।

अंतिम उत्तर:
मनुष्य को स्वेच्छा से चुनी हुई, अपनी आंतरिक जरूरतों के अनुरूप जीवन-शैली अपनानी चाहिए।
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