Question:

अपठित गद्यांश: वस्तुतः बोली, गोली से अधिक असरदार होती है। हम शब्दों द्वारा ही औरों को अपना बनाते हैं और शब्दों में ही अपने पराए बन जाते हैं। कौन-सा शब्द कब, कहाँ, किसके लिए बोलना है इसका ध्यान रखना ही औचित्य है और भाषा का यह औचित्य शब्द सौंदर्य का अहम हिस्सा है। सच तो यह है कि शब्दों का दुरुपयोग प्रायः होता है और इस दुरुपयोग को रोकने का उपाय शब्दों का सदुपयोग ही है। विशेषणों के प्रयोग में हम प्रायः अति उत्साहवश या अज्ञानवश उनका दुरुपयोग करते हैं, ऐसे निरर्थक प्रयोग करते हैं कि स्थिति हास्यास्पद हो जाती है।
(ii) भाषा के संदर्भ में 'औचित्य' किसे कहा गया है?

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: गद्यांश में देखें:
गद्यांश में बताया गया है कि कौन-सा शब्द कब, कहाँ और किसके लिए बोलना है, इसका ध्यान रखना ही औचित्य है।

चरण 2: उत्तर:
भाषा के संदर्भ में ‘औचित्य’ का अर्थ है उचित समय, स्थान और व्यक्ति को देखकर उपयुक्त शब्द का प्रयोग करना। यह शब्द-सौंदर्य का महत्त्वपूर्ण भाग है।

अंतिम उत्तर:
सही समय, स्थान और व्यक्ति के अनुसार उचित शब्द बोलने को औचित्य कहा गया है।
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