Question:

गद्यांश: यह अनुभव कितना चमत्कारी है कि यहाँ जो जितनी बूढ़ी है वह उतनी ही अधिक उत्फुल्ल मुसकानमयी है। यह किस दीपक की जोत है? जागरूक जीवन की! लक्ष्यदर्शी जीवन की! सेवा-निरत जीवन की! अपने विश्वासों के साथ एकाग्र जीवन की! भाषा के भेद रहे हैं, रहेंगे भी, पर यह जोत विश्व की सर्वोत्तम जोत है।
(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: सन्दर्भ:
प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक के गद्य-खण्ड से लिया गया है। इसमें लेखक ने अपने एक अनुभव का वर्णन किया है।

चरण 2: प्रसंग:
लेखक वहाँ की बूढ़ी स्त्रियों को देखकर आश्चर्य में पड़ जाता है। उसे लगता है कि उनकी आयु जितनी बढ़ती है, उनके चेहरे की मुसकान उतनी ही खिलती है।

चरण 3: गद्यांश की विषय-वस्तु:
गद्यांश में बताया गया है कि वहाँ की वृद्ध स्त्रियाँ जितनी अधिक आयु की हैं, उतनी ही अधिक प्रसन्न और मुसकराती हुई दिखाई देती हैं। लेखक इस प्रसन्नता का कारण जागरूक, सेवामय और लक्ष्य के प्रति समर्पित जीवन को मानता है।

अंतिम उत्तर:
यह अंश पाठ्य-पुस्तक के गद्य-खण्ड से लिया गया है और सार्थक तथा सेवा-भरे जीवन से मिलने वाली प्रसन्नता का वर्णन करता है।
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