Question:

अपठित गद्यांश: आज के अनेक आर्थिक और सामाजिक विधानों की हम जाँच करें तो पता चलेगा कि वे हमारी सांस्कृतिक चेतना के क्षीण होने के कारण युगानुकूल परिवर्तन की कमी से बनी हुई रूढ़ियों के साथ संघर्ष की परिस्थिति से उत्पन्न माँग को पूरा करने के लिये अपनाये गये उपाय या अन्य द्वारा थोपी गई या उनका अनुकरण का स्वीकार की गई व्यवस्थाएँ मात्र है। भारतीय संस्कृति के नाम पर उन्हें जिन्दा रखा जा सकता है।
(i) युगानुरूप परिवर्तन एवं विकास न होने का क्या कारण है?

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
प्रश्न पूछता है कि हमारे विधानों और व्यवस्थाओं में समय के अनुसार परिवर्तन और विकास क्यों नहीं हो पाया।

चरण 2: गद्यांश से कारण:
गद्यांश कहता है कि आज के आर्थिक और सामाजिक विधानों की जाँच करें तो पता चलेगा कि हमारी सांस्कृतिक चेतना क्षीण हो गई है।
चेतना कमजोर होने से युगानुकूल परिवर्तन की कमी रही और रूढ़ियाँ बनी रहीं।

अंतिम उत्तर:
हमारी सांस्कृतिक चेतना का क्षीण होना ही युगानुरूप परिवर्तन और विकास न होने का कारण है।
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