Question:

अपठित गद्यांश: वस्तुतः बोली, गोली से अधिक असरदार होती है। हम शब्दों द्वारा ही औरों को अपना बनाते हैं और शब्दों में ही अपने पराए बन जाते हैं। कौन-सा शब्द कब, कहाँ, किसके लिए बोलना है इसका ध्यान रखना ही औचित्य है और भाषा का यह औचित्य शब्द सौंदर्य का अहम हिस्सा है। सच तो यह है कि शब्दों का दुरुपयोग प्रायः होता है और इस दुरुपयोग को रोकने का उपाय शब्दों का सदुपयोग ही है। विशेषणों के प्रयोग में हम प्रायः अति उत्साहवश या अज्ञानवश उनका दुरुपयोग करते हैं, ऐसे निरर्थक प्रयोग करते हैं कि स्थिति हास्यास्पद हो जाती है।
(i) आशय स्पष्ट कीजिए - “बोली, गोली से अधिक असरदार होती है।”

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: कथन का संदर्भ:
यह वाक्य अपठित गद्यांश का पहला वाक्य है। इसमें ‘बोली’ का अर्थ है वाणी या शब्द और ‘गोली’ का अर्थ है हथियार या हिंसा।

चरण 2: आशय:
गोली केवल शरीर को घायल करती है, पर शब्द सीधे मन पर असर डालते हैं। मीठे और उचित शब्द किसी पराए को भी अपना बना लेते हैं। कठोर शब्द अपनों को भी दूर कर देते हैं और ऐसा घाव देते हैं जो जल्दी नहीं भरता।

चरण 3: सार:
इसलिए वाणी की शक्ति हथियार की शक्ति से कहीं अधिक है और हमें सोच-समझकर बोलना चाहिए।

अंतिम उत्तर:
लेखक का आशय है कि शब्दों का प्रभाव गोली से अधिक गहरा और स्थायी होता है।
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