एक समतल सतह पर अभिलम्बतः आपतित, संचरित क्षमता \(P\) वाले, फोटॉनों के एकवर्णी किरण पुंज का विचार करें। इस आपतित पुंज का 10% भाग अवशोषित हो जाता है, 10% भाग पारगमित हो जाता है और शेष भाग सतह के द्वारा परावर्तित हो जाता है। यदि प्रकाश का वेग \(c\) हो तो इस सतह पर पुंज के द्वारा कितना बल लग रहा है?
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पूर्ण परावर्तन के मामले में संवेग परिवर्तन दोगुना (\(2p\)) होता है, जबकि पूर्ण अवशोषण में यह केवल \(p\) होता है। पारगमन (transmission) में संवेग परिवर्तन शून्य होता है।
Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न प्रकाश के संवेग (Momentum of Light) और विकिरण दाब (Radiation Pressure) पर आधारित है।
सतह पर लगने वाला बल, प्रति सेकंड संवेग में होने वाले परिवर्तन के बराबर होता है।
Step 2: Key Formula or Approach:
न्यूटन के द्वितीय नियम से बल: \(F = \frac{\Delta p}{\Delta t}\)
आपतित प्रकाश का प्रति सेकंड कुल संवेग: \(p_0 = \frac{P}{c}\)
Step 3: Detailed Explanation:
• विभिन्न भागों का विश्लेषण:
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अवशोषित भाग (10%):
यह भाग सतह द्वारा पूरी तरह सोख लिया जाता है।
इसके कारण संवेग परिवर्तन की दर:
\[ F_{abs} = 0.1 \times \frac{P}{c} \]
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पारगमित भाग (10%):
यह भाग बिना किसी दिशा परिवर्तन के सतह से पार निकल जाता है।
इसके कारण संवेग में कोई परिवर्तन नहीं होता, अतः:
\[ F_{trans} = 0 \]
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परावर्तित भाग (80%):
शेष भाग (\(100\% - 10\% - 10\% = 80\%\)) सतह द्वारा परावर्तित हो जाता है।
चूँकि प्रकाश परावर्तित होकर विपरीत दिशा में लौटता है, संवेग परिवर्तन दोगुना होता है:
\[ F_{ref} = 2 \times \left(0.8 \times \frac{P}{c}\right) = 1.6 \frac{P}{c} \]
• कुल बल की गणना:
सतह पर लगने वाला कुल बल सभी बलों का योग होगा:
\[ F = F_{abs} + F_{trans} + F_{ref} = 0.1 \frac{P}{c} + 0 + 1.6 \frac{P}{c} = 1.7 \frac{P}{c} \]
अतः सतह पर लगने वाला कुल बल \(1.7 \frac{P}{c}\) है।