Question:

अपनी पाठ्यपुस्तक में से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए जो इस प्रश्नपत्र में न आया हो।

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कण्ठस्थ श्लोक लिखते समय साथ में उसका भावार्थ लिखना उत्तर को और भी प्रभावशाली बना देता है।
Updated On: Oct 28, 2025
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Solution and Explanation

श्लोक: 
विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्। 
पात्रत्वात् धनमाप्नोति, धनात् धर्मं ततः सुखम्॥ 

भावार्थ: 
विद्या मनुष्य को विनम्र बनाती है। विनम्रता से मनुष्य योग्य बनता है। योग्यता से धन की प्राप्ति होती है और धन से धर्म का पालन संभव होता है, जिसके परिणामस्वरूप अंततः सुख की प्राप्ति होती है।

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