Question:

अपठित गद्यांश: आजाद भारत में दुर्गा भाभी को उपेक्षा और सम्मान दोनों प्राप्त हुए। सरकारों ने उन्हें पैसों से तौलना चाहा। कतिपय वर्ष पूर्व उनके सम्मान में आयोजित एक समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उन्हें 51 हजार रूपये भेंट किए। भाभी ने वे रूपए वहीं वापस कर दिए। उन्होंने कहा कि “जब हम स्वाधीनता के लिए संग्राम कर रहे थे, उस समय किसी व्यक्तिगत लाभ की आकांक्षा नहीं थी, केवल स्वाधीनता प्राप्ति लक्ष्य था। इस धन से यहाँ शहीदों का एक बड़ा स्मारक बनाया जाय।”
(ii) स्वाधीनता संग्राम में भाग लेने का लक्ष्य क्या था?

Updated On: Sep 24, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
प्रश्न स्वाधीनता संग्राम में भाग लेने के उद्देश्य के बारे में है। इसका उत्तर दुर्गा भाभी के कथन में मिलता है।

चरण 2: गद्यांश से उत्तर:
दुर्गा भाभी ने कहा कि जब वे स्वाधीनता के लिए संग्राम कर रही थीं, तब उनके मन में किसी व्यक्तिगत लाभ की इच्छा नहीं थी।
उस समय उनका एक ही लक्ष्य था, देश को स्वाधीनता दिलाना।

निष्कर्ष:
स्वाधीनता संग्राम में भाग लेने का लक्ष्य केवल स्वाधीनता की प्राप्ति था, कोई निजी लाभ या धन पाना नहीं।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board XII अपठित गद्यांश Questions

View More Questions