'तुमुल' खण्डकाव्य के आधार पर मेघनाद का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Step 1: परिचय.
'तुमुल' खण्डकाव्य में कवि ने रामायण के महान योद्धा रावणपुत्र मेघनाद का चरित्र प्रस्तुत किया है। मेघनाद एक पराक्रमी, साहसी और युद्धकुशल योद्धा था, जिसे 'इन्द्रजित' की उपाधि प्राप्त थी।
Step 2: पराक्रमी योद्धा.
मेघनाद युद्धभूमि में अपराजेय प्रतीत होता था। उसने देवताओं तक को पराजित किया और इन्द्र को बंदी बनाकर अपनी वीरता का परिचय दिया। उसकी युद्धकला और शौर्य उसे असाधारण योद्धा बनाते हैं।
Step 3: पितृभक्ति और राष्ट्रनिष्ठा.
मेघनाद अपने पिता रावण के प्रति निष्ठावान और आज्ञाकारी पुत्र था। उसने पिता के सम्मान और लंका की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए। उसकी निष्ठा और बलिदान की भावना अत्यंत प्रेरणादायक है।
Step 4: चरित्र की विशेषता.
यद्यपि वह रावण की ओर से लड़ा, परंतु उसका चरित्र पराक्रम, त्याग और साहस का प्रतीक है। वह आदर्श योद्धा के रूप में चित्रित हुआ है, जिसने युद्धभूमि में अंतिम सांस तक वीरता का परिचय दिया।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'तृमूल' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) 'तृमूल' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
'अमृतपूजा' खण्डकाव्य की
(i) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) श्रीकृष्ण का चरित्रांकन कीजिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) भरत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) किसी एक सर्ग का कथानक लिखिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) कर्ण का चरित्रांकन कीजिए।
(ii) तृतीय सर्ग की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'ज्योति – जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।