'तुमुल' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
Step 1: प्रस्तावना.
'तुमुल' खण्डकाव्य में कवि ने रामायण के युद्ध प्रसंगों का वर्णन किया है। इसमें विशेषकर मेघनाद के पराक्रम और युद्ध की भीषणता का चित्रण है।
Step 2: मुख्य घटनाएँ.
काव्य में युद्ध की उग्रता, नायक-नायकों का शौर्य और बलिदान चित्रित है। रावण और राम की सेनाओं के बीच संघर्ष का वर्णन किया गया है। मेघनाद का युद्धकौशल, इन्द्रजित की उपाधि और अंत में उसका बलिदान काव्य की प्रमुख घटनाएँ हैं।
Step 3: भाव और संदेश.
कवि ने दिखाया है कि युद्ध केवल विनाश नहीं लाता, बल्कि इसमें वीरता, त्याग और धर्म-अधर्म का संघर्ष भी निहित होता है। मेघनाद जैसे योद्धा अपनी वीरता से अमर हो जाते हैं, भले ही वे पराजित हों।
Step 4: सार.
'तुमुल' खण्डकाव्य का कथानक युद्ध की भीषणता, वीरता और बलिदान की महिमा को दर्शाता है। इसमें नायकत्व, शौर्य और संघर्ष का भाव प्रमुख है।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'तृमूल' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) 'तृमूल' खण्डकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
'अमृतपूजा' खण्डकाव्य की
(i) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
(ii) श्रीकृष्ण का चरित्रांकन कीजिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) भरत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) किसी एक सर्ग का कथानक लिखिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) कर्ण का चरित्रांकन कीजिए।
(ii) तृतीय सर्ग की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'ज्योति – जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर
(i) नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।