स्वपठित खण्डकाव्य के आधार पर किसी एक खण्ड के एक प्रश्न का उत्तर दीजिए : ( अधिकतम शब्द - सीमा : 80 शब्द)
'त्यागपथी' खण्डकाव्य के 'पंचम सर्ग' की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'त्यागपथी' खण्डकाव्य का 'पंचम सर्ग' एक महत्वपूर्ण मोड़ प्रस्तुत करता है, जिसमें राज्यश्री अपने कर्तव्यों और समाज के भले के लिए व्यक्तिगत सुखों का त्याग करती हैं। इस सर्ग में राज्यश्री का आंतरिक संघर्ष और उनके निर्णय की गहराई को दर्शाया गया है। वह अपने व्यक्तिगत रिश्तों और राज्य की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने के लिए संघर्ष करती हैं। इस सर्ग में उन्होंने समाज की सेवा के लिए स्वयं को बलिदान करने का संकल्प लिया।
'पंचम सर्ग' में राज्यश्री के आत्मसंघर्ष और उनके आदर्श चरित्र का सुंदर चित्रण किया गया है।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य में दशरथ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य की कथावस्तु पर विचार कीजिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर 'नमक आंदोलन' की काव्यात्मक व्याख्या लिखिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर गांधीजी की किन्हीं पाँच चारित्रिक गुणों/विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर किसी एक धार्मिक प्रसंग का वर्णन कीजिए।