स्वपठित खण्डकाव्य के आधार पर किसी एक खण्ड के एक प्रश्न का उत्तर दीजिए : ( अधिकतम शब्द - सीमा : 80 शब्द)
'त्यागपथी' खण्डकाव्य के आधार पर 'राज्यश्री' का चरित्र चित्रण कीजिए।
'त्यागपथी' खण्डकाव्य में राज्यश्री का चरित्र एक महान और प्रेरणादायक नायिका के रूप में उभरता है। वह अपने राज्य और प्रजा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता देती हैं। राज्यश्री का जीवन त्याग, साहस, और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उनका समर्पण और समाज के प्रति सेवा की भावना उन्हें एक आदर्श बनाती है।
राज्यश्री का चरित्र 'त्यागपथी' में उच्चतम मानवीय मूल्यों का आदर्श प्रस्तुत करता है। वह केवल एक शासक नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए कार्यरत एक आदर्श नायिका हैं।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य में दशरथ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य की कथावस्तु पर विचार कीजिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर 'नमक आंदोलन' की काव्यात्मक व्याख्या लिखिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर गांधीजी की किन्हीं पाँच चारित्रिक गुणों/विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर किसी एक धार्मिक प्रसंग का वर्णन कीजिए।