'सुख-दुःख' में समास है:
Step 1: समास का परिचय.
समास का अर्थ है संक्षेप। जब दो या दो से अधिक शब्द मिलकर नया शब्द बनाते हैं, तो उसे समास कहते हैं।
Step 2: 'सुख-दुःख' का विश्लेषण.
यहाँ 'सुख' और 'दुःख' दोनों शब्द समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। दोनों को मिलाकर संयुक्त अर्थ निकाला गया है।
Step 3: द्वन्द्व समास की विशेषता.
जब दो या अधिक शब्द समान महत्व के हों और मिलकर एक युग्म बनाते हों (जैसे राम-लक्ष्मण, दिन-रात, सुख-दुःख), तब उसे द्वन्द्व समास कहते हैं।
Step 4: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) द्विगु: इसमें संख्या विशेषण रहता है, जो यहाँ नहीं है।
(B) अत्ययीभाव: यह किसी एक प्रधान शब्द पर निर्भर होता है। यहाँ नहीं है।
(C) कर्मधारय: इसमें विशेषण-विशेष्य संबंध होता है। यहाँ नहीं है।
(D) द्वन्द्व: सही — क्योंकि सुख और दुःख समान महत्व रखते हैं।
Step 5: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (D) द्वन्द्व।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
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शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
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