Step 1: Understanding Quantum Numbers and Orbitals:
कक्षक का नाम मुख्य क्वांटम संख्या (n) और दिगंशी क्वांटम संख्या (l) द्वारा निर्धारित किया जाता है।
• n (मुख्य क्वांटम संख्या) कक्षक के कोश (shell) को इंगित करता है और इसे एक संख्या के रूप में लिखा जाता है।
• l (दिगंशी क्वांटम संख्या) कक्षक के उपकोश (subshell) या आकार को इंगित करता है। l के मानों के लिए संकेतन इस प्रकार है:
• l = 0 \(\rightarrow\) s कक्षक
• l = 1 \(\rightarrow\) p कक्षक
• l = 2 \(\rightarrow\) d कक्षक
• l = 3 \(\rightarrow\) f कक्षक
एक कक्षक का नाम n के मान के बाद l के लिए संगत अक्षर लिखकर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि n=2 और l=1, तो कक्षक 2p है।
Step 2: Matching each pair of quantum numbers to its orbital:
A. n = 2, l = 1
n = 2, और l = 1 p कक्षक को इंगित करता है। तो, यह 2p कक्षक है।
A \(\rightarrow\) II.
B. n = 4, l = 0
n = 4, और l = 0 s कक्षक को इंगित करता है। तो, यह 4s कक्षक है।
B \(\rightarrow\) III.
C. n = 5, l = 3
n = 5, और l = 3 f कक्षक को इंगित करता है। तो, यह 5f कक्षक है।
C \(\rightarrow\) IV.
D. n = 3, l = 2
n = 3, और l = 2 d कक्षक को इंगित करता है। तो, यह 3d कक्षक है।
D \(\rightarrow\) I.
Step 3: Compiling the final match:
सही मिलान है:
A \(\rightarrow\) II
B \(\rightarrow\) III
C \(\rightarrow\) IV
D \(\rightarrow\) I
यह संयोजन विकल्प (A) में दिया गया है।