चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न सूची I में प्रत्येक उपसहसंयोजन संकुल को सूची II से प्रदर्शित होने वाली समावयवता के प्रकार के साथ सुमेलित करने के लिए कहता है।
चरण 2: प्रत्येक संकुल का समावयवता के लिए विश्लेषण:
A. [Pt(NH\(_3\))\(_2\)Cl\(_2\)]:
यह MA\(_2\)B\(_2\) प्रकार का एक वर्ग समतली संकुल है। ऐसे संकुलों में दो 'A' लिगन्ड और दो 'B' लिगन्ड एक दूसरे के निकट (सिस समावयवी) या एक दूसरे के विपरीत (ट्रांस समावयवी) व्यवस्थित हो सकते हैं। इसलिए, यह ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है।
यह III से मेल खाता है।
B. [Co(en)\(_3\)]\(^{3+}\):
यह तीन सममित द्विदंती लिगन्ड (en = एथिलीनडाइऐमीन) वाला एक अष्टफलकीय संकुल है। संकुल आयन [Co(en)\(_3\)]\(^{3+}\) काइरल है, जिसका अर्थ है कि यह अपने दर्पण प्रतिबिंब पर अध्यारोपित नहीं हो सकता है। ऐसे काइरल अणु एनैन्शिओमर्स (d- और l-समावयवी) के एक जोड़े के रूप में मौजूद होते हैं और प्रकाशीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं।
यह I से मेल खाता है।
C. [Co(NH\(_3\))\(_5\)(NO\(_2\))]Cl\(_2\):
संकुल आयन [Co(NH\(_3\))\(_5\)(NO\(_2\))] \(^{2+}\) है। इसमें नाइट्राइट लिगन्ड (NO\(_2\)\(^{-}\)) होता है, जो एक उभयदंती लिगन्ड है। यह कोबाल्ट आयन से या तो नाइट्रोजन परमाणु के माध्यम से (एक नाइट्रो संकुल, -NO\(_2\) बनाते हुए) या एक ऑक्सीजन परमाणु के माध्यम से (एक नाइट्रिटो संकुल, -ONO बनाते हुए) समन्वय कर सकता है। इससे दो अलग-अलग समावयवी, [Co(NH\(_3\))\(_5\)(NO\(_2\))] \(^{2+}\) और [Co(NH\(_3\))\(_5\)(ONO)] \(^{2+}\) उत्पन्न होते हैं। इस प्रकार की समावयवता को बंधनी समावयवता (Linkage Isomerism) कहा जाता है।
यह IV से मेल खाता है।
D. [Cr(H\(_2\)O)\(_6\)]Cl\(_3\):
इस संकुल में एक संकुल धनायन [Cr(H\(_2\)O)\(_6\)]\(^{3+}\) और क्लोराइड प्रति-आयन होते हैं। समावयवी मौजूद हो सकते हैं जहां लिगन्ड (H\(_2\)O) और प्रति-आयन (Cl\(^-\)) की भूमिकाएं आपस में बदल जाती हैं। उदाहरण के लिए, एक समावयवी [Cr(H\(_2\)O)\(_5\)Cl]Cl\(_2\)\(\cdot\)H\(_2\)O है, जहां एक जल अणु समन्वय क्षेत्र से बाहर चला गया है और एक क्लोराइड आयन अंदर आ गया है। चूंकि विलायक अणु (जल) इस समावयवता में शामिल है, इसलिए इसे विलायकयोजन समावयवता (Solvate Isomerism) (या हाइड्रेट समावयवता) कहा जाता है।
यह II से मेल खाता है।
चरण 3: मिलान संकलित करना:
• A \(\rightarrow\) III (ज्यामितीय)
• B \(\rightarrow\) I (प्रकाशीय)
• C \(\rightarrow\) IV (बंधनी)
• D \(\rightarrow\) II (विलायकयोजन)
मिलान का सही अनुक्रम A-III, B-I, C-IV, D-II है।
चरण 4: अंतिम उत्तर:
यह अनुक्रम विकल्प (C) से मेल खाता है।