'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य के आधार पर 'दशरथ' का चरित्र चित्रण कीजिए।
'श्रवणकुमार' खण्डकाव्य में राजा दशरथ का चरित्र एक आदर्श राजा और पिता के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वह न्यायप्रिय, कर्तव्यनिष्ठ और अपनी प्रजा के प्रति दयालु थे।
राजा दशरथ का चरित्र कर्तव्य और पिता के रूप में उनकी निष्ठा का प्रतीक है, लेकिन उनका दुःख और पापभावना यह दर्शाता है कि वह एक सच्चे और आदर्श राजा थे।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य में दशरथ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य की कथावस्तु पर विचार कीजिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर 'नमक आंदोलन' की काव्यात्मक व्याख्या लिखिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर गांधीजी की किन्हीं पाँच चारित्रिक गुणों/विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर किसी एक धार्मिक प्रसंग का वर्णन कीजिए।