शब्द के धातु एवं प्रत्यय का योग स्पष्ट कीजिए'स्नातः'
शब्द: स्नातः
धातु: स्ना
प्रत्यय: क्त
व्याख्या: ‘स्ना’ धातु का अर्थ ‘स्नान करना’ होता है। इसमें क्त प्रत्यय जोड़ने से ‘स्नातः’ शब्द बनता है, जिसका अर्थ ‘स्नान किया हुआ’ होता है। यह शब्द संस्कृत साहित्य और धार्मिक ग्रंथों में विशेष रूप से प्रयुक्त होता है।
वाच्यपरिवर्तनं कुरुत: 'अहं जलं पिबामि'।
'पठ्' धातोः लट् लकारस्य प्रथमपुरुषस्य रूपाणि लिखत।
अधोलिखितानां पदानां विभक्तिं वचनं च लिखत।
सन्धिं कुरुत: 'विद्या + अर्थी' तथा 'गच्छन् + अपि'।
'गन्तुम्' इति पदे कः प्रत्ययः प्रयुक्तः?