'दशानन' में समास 'तत्पुरुष' है। 'दशानन' का अर्थ है 'जिसके दस मुख हों' (दश + आनन), यह एक तत्पुरुष समास है, जिसमें प्रथम शब्द किसी विशेषता को व्यक्त करता है और दूसरा शब्द किसी व्यक्ति या वस्तु का विवरण करता है। इस समास में 'दश' और 'आनन' के संयोजन से 'दशानन' शब्द बना है, जो भगवान रावण का एक नाम है।