'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर दुराशमन का चरित्र चित्रण कीजिए।
'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर दुराशमन का चरित्र चित्रण:
'सत्य की जीत' खंडकाव्य में दुराशमन का चरित्र एक अहंकारी और अधर्मी शासक के रूप में चित्रित किया गया है। वह अत्याचार और अधर्म के प्रतीक के रूप में उभरता है। अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए वह धर्म और सत्य से दूर रहता है और समाज में अत्याचार करता है। हालांकि, उसका यह अधर्म अंततः उसकी हार और पराजय का कारण बनता है, जो सत्य की जीत को प्रमाणित करता है। उसके चरित्र में शक्ति का दुरुपयोग और न्याय का उल्लंघन दिखाया गया है।
दुराशमन का चरित्र समाज में नकारात्मकता और अधर्म का प्रतीक है, जो अंततः अपने कुकृत्यों के कारण पराजित होता है।
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