'सजनं' का संधि-विच्छेद है:
संधि-विच्छेद: 'सजनं' शब्द का संधि-विच्छेद 'सज' और 'न' होगा। यह संस्कृत संधि का एक सामान्य रूप है जिसमें 'स' और 'जन' का मेल होता है।
'सजनं' में 'स' और 'जन' के बीच की संधि को सही तरीके से विच्छेदित किया गया है।
जिनके अलग-अलग रूप वाक्यों में मिलते हैं, वे पद कहलाते हैं
कर्तृवाच्य' में प्रधानता होती है
अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद हैं
पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द नहीं है
नवरत्न' में समास है