दिये गये निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध 'विभक्ति' और 'वचन' बताइये:
'नाने' शब्द में िवभिक्त और वचन ह
‘नाने’ शब्द का रूप एवं विभक्ति-विश्लेषण
\(\textbf{Step 1: शब्द का रूप.}\)
'नाने' शब्द 'नान' धातु से व्युत्पन्न हुआ है। यहाँ यह शब्द धातु 'नान' (जिसका अर्थ है — भेद करना, अलग-अलग होना) से बना है।
\(\textbf{Step 2: विभक्ति पहचान.}\)
'ए' प्रत्यय \(\textbf{तृतीया विभक्ति (Instrumental Case)}\) के बहुवचन का चिन्ह है। इसलिए ‘नाने’ शब्द का रूप तृतीया बहुवचन के अनुसार है।
\(\textbf{Step 3: निष्कर्ष.}\)
अतः ‘नाने’ शब्द \(\textbf{तृतीया विभक्ति, बहुवचन रूप}\) है। इसका अर्थ होगा — “अनेक प्रकारों से” या “भिन्न-भिन्न रूपों से”।
\[ \text{'नाने'} = \text{नान (धातु)} + \text{ए (प्रत्यय)} \;\Rightarrow\; \text{तृतीया विभक्ति, बहुवचन} \]
जिनके अलग-अलग रूप वाक्यों में मिलते हैं, वे पद कहलाते हैं
कर्तृवाच्य' में प्रधानता होती है
अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद हैं
पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द नहीं है
नवरत्न' में समास है