Step 1: Understanding the Question
प्रश्न में रीतिकाल की 'रीतिमुक्त' काव्यधारा के कवि का नाम पूछा गया है।
Step 2: Detailed Explanation
रीतिकाल को तीन प्रमुख धाराओं में बाँटा गया है:
रीतिबद्ध: वे कवि जिन्होंने संस्कृत काव्यशास्त्र के नियमों (रीति) में बँधकर लक्षण-ग्रंथों की रचना की। जैसे - केशवदास, पद्माकर।
रीतिसिद्ध: वे कवि जिन्होंने रीति-ग्रंथ नहीं लिखे, किन्तु काव्य-रचना करते समय रीति के नियमों का पूरा ध्यान रखा। जैसे - बिहारीलाल।
रीतिमुक्त: वे कवि जिन्होंने रीति के बंधनों को पूरी तरह त्यागकर स्वच्छंद प्रेम की कविताएँ लिखीं। घनानन्द इस धारा के सर्वश्रेष्ठ कवि हैं। आलम, बोधा और ठाकुर अन्य रीतिमुक्त कवि हैं।
Step 3: Final Answer
अतः, घनानन्द 'रीतिमुक्त' काव्यधारा के कवि हैं। सही उत्तर (D) है।