रेखांकित पदों में से किसी एक पद में प्रयुक्त विभक्तितथा संबन्धित नियम का उल्लेख कीजिए -
युंहं पीरित: उद्धानं अस्ति।
श्रीसीतारामभ्यां नम:
आदर्श सिरसा खल्वटौटिस्ट ।
(i) युंहं पीरित: उद्धानं अस्ति।
यह वाक्य एक वर्तमानी विभक्ति के प्रयोग को दर्शाता है। 'युंहं' शब्द में 'युं' शब्द 'पुंलिंग' में प्रयुक्त है और 'पीरित:' शब्द 'नपुंसकलिंग' में विभक्त रूप में है। यहाँ 'अस्ति' क्रिया से सिद्ध होता है कि यह एक साधारण वाक्य है।
'युंहं' शब्द पुँलिंग विभक्तियों का अनुसरण करता है।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
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निम्नलिखित शब्दों के संधि-विच्छेद के सही विकल्प का चयन कीजिए:
'निस्संदेह' का सही संधि-विच्छेद है –
निम्नलिखित शब्दों के संधि-विच्छेद के सही विकल्प का चयन कीजिए:
'इत्यादि' का सही संधि-विच्छेद है –
'स्वागतम्' का सही संधि-विच्छेद है –
दिये गये निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध 'विभक्ति' और 'वचन' बताइये:
'आत्मनि' शब्द में विभक्ति और वचन
दिये गये निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध 'विभक्ति' और 'वचन' बताइये:
'नाने' शब्द में िवभिक्त और वचन ह