'रश्मिरथी' खंडकाव्य की प्रमुख घटनाओं का वर्णन कीजिए।
'रश्मिरथी' खंडकाव्य की प्रमुख घटनाओं का वर्णन:
'रश्मिरथी' खंडकाव्य में कर्ण के जीवन और संघर्षों का चित्रण किया गया है। इसमें कर्ण की जन्म कहानी, उसकी दीन-हीन स्थिति से राजा बनने तक के संघर्ष, और महाभारत के युद्ध में उसकी वीरता को दर्शाया गया है। कर्ण का त्याग, उसकी पवित्रता और अपने स्वधर्म के प्रति निष्ठा इस महाकाव्य की प्रमुख घटनाएँ हैं। इसके अतिरिक्त, कृष्ण द्वारा कर्ण को उसके धर्म का बोध कराना, लेकिन कर्ण का उसे न स्वीकार करना, इस काव्य का एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
कर्ण की जन्म कथा और उसके जीवन की प्रमुख घटनाएँ उसके संघर्ष और आदर्शों को उजागर करती हैं।
‘आचारण की सभ्यता’ निबंध के लेखक हैं:
‘हिन्दी नयी चाल में ढली’ यह कथन किस लेखक का है?
‘उसने कहा था’ कहानी के लेखक हैं:
‘पिंजरे की मैना’ निबंध संग्रह के लेखक हैं:
‘कलम का सिपाही’ के रचनाकार हैं:
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य में दशरथ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
‘श्रवणकुमार’ खण्डकाव्य की कथावस्तु पर विचार कीजिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर 'नमक आंदोलन' की काव्यात्मक व्याख्या लिखिए।
'पुष्पिका' खंडकाव्य के आधार पर गांधीजी की किन्हीं पाँच चारित्रिक गुणों/विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
'सत्य की जीत' खंडकाव्य के आधार पर किसी एक धार्मिक प्रसंग का वर्णन कीजिए।