रघुवीर सहाय को उनकी कृति 'आत्महत्या के विरुद्ध' पर 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' मिला था। यह काव्य कृति समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहरी दृष्टि प्रस्तुत करती है और हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
'आत्महत्या के विरुद्ध' रघुवीर सहाय की एक महत्वपूर्ण काव्य कृति है, जिसे साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। इस काव्य कृति में रघुवीर सहाय ने न केवल आत्महत्या की अवधारणा पर विचार किया, बल्कि समाज में उत्पन्न हो रही मानसिक समस्याओं, जीवन की निरर्थकता और मनुष्य की आंतरिक पीड़ा को भी गहराई से प्रस्तुत किया। इस कविता में उन्होंने आत्महत्या के विरुद्ध अपनी संवेदनशील दृष्टि को साझा किया, जिसमें जीवन के मूल्य और संघर्षों की अहमियत को रेखांकित किया गया। उनका लेखन समकालीन समाज और राजनीति की विसंगतियों को उद्घाटित करने में सक्षम था, और 'आत्महत्या के विरुद्ध' काव्य संग्रह इस विचारपूर्ण लेखन का एक बेहतरीन उदाहरण है। रघुवीर सहाय की इस कृति ने उन्हें हिंदी साहित्य के एक महान कवि के रूप में स्थापित किया और साहित्य अकादमी पुरस्कार के माध्यम से उनकी साहित्यिक यात्रा को सम्मानित किया गया।