Question:

'शांत' रस अथवा 'हास्य' रस का लक्षण सहित एक उदाहरण लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
यहाँ दिए गए दो रसों में से पहले रस, शांत रस, का उत्तर है।

चरण 2: लक्षण:
संसार की नश्वरता, ईश्वर-चिंतन या तत्त्वज्ञान से मन में वैराग्य और शांति का भाव आता है। जब यह भाव विभाव आदि से पुष्ट होता है, तब शांत रस होता है। इसका स्थायी भाव निर्वेद (शम) है।

चरण 3: उदाहरण:
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाहिं।
सब अँधियारा मिट गया, जब दीपक देख्या माहिं॥

चरण 4: स्पष्टीकरण:
कबीर कहते हैं कि जब तक मन में अहंकार था, तब तक ईश्वर का अनुभव नहीं हुआ। अहंकार मिटते ही ईश्वर मिल गए और अज्ञान का अँधेरा दूर हो गया। यहाँ आत्मज्ञान आलंबन है। अहंकार का त्याग अनुभाव है। धृति और मति संचारी भाव हैं। निर्वेद स्थायी भाव पुष्ट होता है।

अंतिम उत्तर:
इस दोहे में शांत रस है।
Was this answer helpful?
0
0