Question:

'येनाङ्गविकारः' का उदाहरण है :

Updated On: Sep 23, 2026
  • छात्रेण सह शिक्षकः गच्छति।
  • सः शिरसा खल्वाटः।
  • तस्मै श्रीगुरवे नमः।
  • नदीनां गङ्गा श्रेष्ठा।
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझना:
'येनाङ्गविकारः' कारक-नियम में तृतीया विभक्ति का प्रयोग तब होता है जब किसी कारण से शरीर के किसी अंग में विकार/परिवर्तन का बोध कराना हो।

चरण 2: विकल्पों की जाँच:
'सः शिरसा खल्वाटः' (वह सिर से गंजा है) में 'शिरसा' शब्द से सिर सम्बन्धी विकार (गंजापन) व्यक्त हो रहा है, जो इसी नियम का उदाहरण है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प (B) सही उत्तर है।
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