Question:

'चौपाई' अथवा 'दोहा' छन्द का लक्षण और उदाहरण लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न का चुनाव:
यहाँ पहला छन्द, ‘चौपाई’, लक्षण और उदाहरण सहित लिखा गया है।

चरण 2: लक्षण:
चौपाई एक मात्रिक सम छन्द है। इसमें चार चरण होते हैं। प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ होती हैं। चरण के अन्त में जगण (ISI) और तगण (SSI) नहीं आते, प्रायः दो गुरु या दो लघु आते हैं।

चरण 3: उदाहरण:
बंदउँ गुरु पद पदुम परागा।
सुरुचि सुबास सरस अनुरागा॥
(तुलसीदास, रामचरितमानस)

चरण 4: मात्रा-गणना:
बंदउँ (4) + गुरु (2) + पद (2) + पदुम (3) + परागा (5) = 16 मात्राएँ।
सुरुचि (3) + सुबास (4) + सरस (3) + अनुरागा (6) = 16 मात्राएँ।
दोनों चरणों में 16-16 मात्राएँ हैं और अन्त में दो गुरु हैं, अतः यह चौपाई है।

अंतिम उत्तर:
प्रति चरण 16 मात्राओं वाला सममात्रिक छन्द चौपाई कहलाता है।
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