Question:

'रश्मिरथी' खण्ड काव्य के आधार पर कुन्ती का चरित्र-चित्रण कीजिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: परिचय:
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के ‘रश्मिरथी’ में कुन्ती पाण्डवों की माता और कर्ण की जन्मदात्री हैं। पंचम सर्ग में वे कर्ण से मिलने जाती हैं।

चरण 2: चरित्र-चित्रण (80 शब्दों के भीतर):
1. ममतामयी माता: वे कर्ण को पुत्र कहकर स्नेह प्रकट करती हैं।
2. पश्चाताप से भरी: लोक-लज्जा के भय से त्यागे पुत्र के लिए उनके मन में ग्लानि है।
3. अपने पुत्रों की हितैषी: युद्ध से पहले वे कर्ण को पाण्डवों के पक्ष में लाना चाहती हैं।
4. साहसी और स्पष्टवादी: वे सच्चाई को स्वीकार करने का साहस दिखाती हैं।
5. भावुक और असहाय: कर्ण के इनकार पर वे निराश लौटती हैं।

चरण 3: अतिरिक्त बिन्दु (शब्द-सीमा से बाहर):
कर्ण जब वचन देता है कि वह अर्जुन को छोड़कर किसी पाण्डव को नहीं मारेगा, तब कुन्ती को कुछ सान्त्वना मिलती है। यह प्रसंग उनके माँ के हृदय की पीड़ा को दिखाता है।

निष्कर्ष:
कुन्ती का चरित्र ममता, ग्लानि और स्वार्थ-मिश्रित वात्सल्य का मार्मिक चित्र है।
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