Question:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य की कथा अपने शब्दों में लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
‘आलोकवृत्त’ खण्डकाव्य की कथा अपने शब्दों में लिखनी है। उत्तर अधिकतम 80 शब्दों में देना है।

चरण 2: कथासार (अधिकतम 80 शब्द):
गुलाब खण्डेलवाल के ‘आलोकवृत्त’ में गाँधी जी का जीवन और स्वतन्त्रता-संग्राम वर्णित है। पोरबन्दर में जन्मे मोहनदास ने माता को मद्य-मांस त्याग का वचन दिया और इंग्लैण्ड से बैरिस्टर बने। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद झेलकर सत्याग्रह अपनाया। भारत में चम्पारन, असहयोग, दाण्डी-यात्रा और भारत छोड़ो आन्दोलन चलाए। देश स्वतन्त्र हुआ, पर दंगों से वे दुःखी रहे।

चरण 3: अतिरिक्त बिन्दु (80 शब्दों की गिनती से बाहर):
1. काव्य आठ सर्गों में है। प्रथम सर्ग में पराधीन भारत की दशा और गाँधी जी का जन्म आता है।
2. द्वितीय सर्ग में बचपन की भूल, पश्चात्ताप, विवाह और विलायत-यात्रा है।
3. चतुर्थ से सप्तम सर्ग में साबरमती आश्रम, चम्पारन-खेड़ा, नमक-सत्याग्रह और भारत छोड़ो आन्दोलन का वर्णन है।
4. अन्तिम सर्ग में स्वतन्त्रता का उदय और शान्ति-प्रार्थना है।

निष्कर्ष:
काव्य गाँधी जी को सत्य और अहिंसा के आलोक-पुंज के रूप में प्रस्तुत करता है।
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