Question:

'यदि + अत्र' - इत्यत्र सन्धिं कुरुत ।

Show Hint

इ + अ = य् (यण् सन्धि): यदि + अत्र = यद्यत्र।
Updated On: Oct 1, 2026
  • यदित्र
  • यदत्र
  • यद्यत
  • यद्यत्र
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझना:
'यदि' और 'अत्र' को जोड़कर सही सन्धि-रूप बनाना है।
यदि का अंतिम वर्ण 'इ' स्वर है और अत्र का पहला वर्ण 'अ' स्वर है। यह स्वर सन्धि है।

चरण 2: नियम:
यण् सन्धि: इ, ई के बाद कोई असमान स्वर आए तो इ/ई की जगह 'य्' हो जाता है।
यहाँ 'इ' के बाद 'अ' आया है, इसलिए 'इ' का 'य्' होगा और 'अ' उससे जुड़ जाएगा।

चरण 3: सन्धि करना:
यदि = यद् + इ। अत्र = अ + त्र।
इ + अ = य् + अ = य। इसलिए यद् + य + त्र = यद्यत्र।

चरण 4: विकल्पों की जाँच:
'यदित्र' में 'अ' का लोप कर दिया गया है, जो गलत है।
'यदत्र' में 'इ' का लोप है, जो गलत है।
'यद्यत' में 'त्र' का 'र' छूट गया है, इसलिए गलत है।
'यद्यत्र' सही है।

अंतिम उत्तर:
यदि + अत्र = यद्यत्र (यण् सन्धि), जो विकल्प 4 है। \[ \boxed{\text{विकल्प } 4} \]
Was this answer helpful?
0
0

Top CUET संस्कृत Questions

View More Questions