Question:

'दुष्कृतम्' इत्यस्य सन्धि-विच्छेदं कुरुत ।

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शब्दों में 'श्', 'ष्', 'स्' या 'र्' दिखाई दे तो अक्सर वहाँ विसर्ग संधि की संभावना होती है। संधि-विच्छेद करते समय इन वर्णों को विसर्ग (ः) में बदलकर देखें कि क्या सार्थक शब्द बन रहे हैं।
Updated On: Jan 16, 2026
  • दुः+कृतम्
  • दुषा+कृतम्
  • दुख्+कृतम्
  • दुःख+कृतम्
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collegedunia
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
यह प्रश्न विसर्ग संधि के नियम पर आधारित है। यहाँ विसर्ग (ः) का 'ष्' में परिवर्तन हुआ है।
Step 2: Key Formula or Approach:
विसर्ग संधि का एक नियम है: यदि विसर्ग (ः) से पहले 'इ' या 'उ' हो और विसर्ग के बाद 'क', 'ख', 'प', 'फ' में से कोई वर्ण आए, तो विसर्ग का 'ष्' (षट्कोण वाला श) हो जाता है। \[ उः + क \rightarrow उष् + क \] Step 3: Detailed Explanation:
दिए गए शब्द 'दुष्कृतम्' का विच्छेद करना है।

यहाँ 'ष्' वर्ण है, जिसके बाद 'क' है।
नियम के अनुसार, यह 'ष्' विसर्ग (ः) से बना हो सकता है।
यदि हम 'ष्' को विसर्ग में बदलते हैं, तो शब्द 'दुः' और 'कृतम्' बनते हैं।
'दुः' में विसर्ग से पहले 'उ' स्वर है और बाद में 'कृतम्' का 'क' वर्ण है। यह नियम से मेल खाता है।
\[ दुः + कृतम् \rightarrow दुष्कृतम् \] अतः, सही संधि-विच्छेद 'दुः+कृतम्' है।
Step 4: Final Answer:
'दुष्कृतम्' का सही संधि-विच्छेद 'दुः+कृतम्' है।
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