Question:

'दोहा' अथवा 'कुण्डलिया' छन्द का लक्षणसहित एक उदाहरण लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
प्रश्न में दोहा अथवा कुण्डलिया छन्द का लक्षण सहित एक उदाहरण लिखना है। यहाँ पहला छन्द 'दोहा' लिखा गया है।

चरण 2: लक्षण:
दोहा अर्द्धसम मात्रिक छन्द है। इसमें दो पंक्तियाँ होती हैं और हर पंक्ति में दो चरण होते हैं। विषम चरणों में 13 और सम चरणों में 11 मात्राएँ होती हैं। सम चरणों के अंत में गुरु-लघु आता है और तुक भी मिलती है।

चरण 3: उदाहरण (कबीरदास):
साईं इतना दीजिए, जा में कुटुम समाय।
मैं भी भूखा ना रहूँ, साधु ना भूखा जाय॥

चरण 4: जाँच:
'साईं इतना दीजिए' में 13 मात्राएँ हैं और 'जा में कुटुम समाय' में 11 मात्राएँ हैं। सम चरणों के अंत में 'समाय' और 'जाय' आए हैं, जिनकी तुक मिलती है और अंत गुरु-लघु है।

अंतिम उत्तर:
दोहा में क्रम से 13 और 11 मात्राएँ होती हैं। यह अर्द्धसम मात्रिक छन्द है।
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