Question:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के आधार पर नारी पात्र राजश्री का चरित्र-चित्रण कीजिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: राज्यश्री का चरित्र-चित्रण (शब्द-सीमा के भीतर):
राज्यश्री हर्षवर्धन की छोटी बहन और ‘त्यागपथी’ की प्रमुख नारी पात्र है।
1. आदर्श नारी: वह शासिका होकर भी भीतर से बुद्ध की उपासिका है।
2. करुणामयी: माता-पिता, पति और भाई की मृत्यु ने उसे करुणा की मूर्ति बना दिया।
3. त्यागमयी: हर्ष के दिए राज्य को वह स्वीकार नहीं करती।
4. देशभक्त: वह हर्ष के राष्ट्र-साधन में सहयोग करती है।
5. कर्तव्यनिष्ठ: विधवा होकर भी धैर्य से अपने कर्तव्य निभाती है।

चरण 2: अतिरिक्त बिन्दु (शब्द-सीमा से बाहर):
मालवराज ने उसके पति ग्रहवर्मा को मारकर उसे बन्दी बनाया। भाई राज्यवर्धन भी उसी संकट में मारे गए। निराश होकर वह वन में आत्मदाह करने चली, पर हर्ष ने उसे बचा लिया।

निष्कर्ष:
राज्यश्री दुःख सहकर भी त्याग, करुणा और कर्तव्य का आदर्श प्रस्तुत करती है और काव्य की कथा को भावनात्मक गहराई देती है।
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