Question:

'त्यागपथी' खण्डकाव्य के आधार पर द्वितीय सर्ग की कथा का उल्लेख कीजिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: द्वितीय सर्ग की कथा (शब्द-सीमा के भीतर):
माता-पिता की मृत्यु से दुखी राज्यवर्धन संन्यास लेना चाहते हैं। तभी समाचार आता है कि मालवराज ने राज्यश्री के पति ग्रहवर्मा को मार दिया और राज्यश्री को बन्दी बना लिया। राज्यवर्धन शत्रु को हराते हैं, पर गौड़नरेश छल से उनकी हत्या कर देता है। हर्षवर्धन बहन की खोज में निकलते हैं और वन में राज्यश्री को आत्मदाह से बचा लेते हैं।

चरण 2: अतिरिक्त बिन्दु (शब्द-सीमा से बाहर):
1. ‘त्यागपथी’ के रचयिता रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’ हैं। यह सम्राट् हर्षवर्धन के जीवन पर आधारित ऐतिहासिक खण्डकाव्य है।
2. आगे के सर्गों में हर्ष की दिग्विजय और राज्यश्री को मानव-सेवा का उपदेश आता है।
3. इस सर्ग में एक के बाद एक पारिवारिक संकट आते हैं: बहनोई का वध, बड़े भाई की हत्या और बहन की विपत्ति।

निष्कर्ष:
द्वितीय सर्ग में शोक और संकट के बीच हर्षवर्धन पर राज्य तथा परिवार का दायित्व आ जाता है। यहीं से उनके कर्तव्य और त्यागमय जीवन की भूमिका बनती है।
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