Question:

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के आधार पर गाँधीजी का चरित्राङ्कन कीजिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: गाँधीजी का चरित्रांकन (शब्द-सीमा के भीतर):
‘आलोकवृत्त’ के नायक गाँधीजी सत्य और अहिंसा के पुजारी हैं।
1. सत्य-अहिंसा के उपासक: वे पशुबल का सामना आत्मबल से करते हैं।
2. देशप्रेमी: भारत की स्वतन्त्रता के लिए वे जेल और कष्ट सहते हैं।
3. मानवतावादी: वे रंगभेद और छुआछूत का विरोध करते हैं।
4. साम्प्रदायिक एकता के समर्थक: हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए उपवास करते हैं।
5. आत्मविजयी और आस्तिक: वे अपनी दुर्बलताओं को जीतते हैं और साधन की पवित्रता पर बल देते हैं।

चरण 2: अतिरिक्त बिन्दु (शब्द-सीमा से बाहर):
1. ‘आलोकवृत्त’ के रचयिता गुलाब खण्डेलवाल हैं। आठ सर्गों के इस काव्य में गाँधीजी के जीवन और स्वतन्त्रता-संग्राम का वर्णन है।
2. दक्षिण अफ्रीका में रेल की घटना से सत्याग्रह का जन्म, दाण्डी यात्रा और भारत छोड़ो आन्दोलन उनके नेतृत्व के प्रमाण हैं।

निष्कर्ष:
गाँधीजी प्रकाश-पुंज के समान हैं। काव्य का नाम ‘आलोकवृत्त’ उनके जीवन के इसी प्रकाश को व्यक्त करता है।
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