Question:

'सत्य की जीत' खण्डकाव्य के आधार पर दुःशासन का चरित्र-चित्रण कीजिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: पात्र का परिचय:
द्वारिकाप्रसाद माहेश्वरी कृत ‘सत्य की जीत’ महाभारत के द्रौपदी-चीरहरण प्रसंग पर आधारित है। दुःशासन दुर्योधन का छोटा भाई और इस काव्य का प्रमुख खल पात्र है।

चरण 2: चरित्र की विशेषताएँ:
1. आज्ञाकारी पर अनैतिक: दुर्योधन के कहने पर वह भरी सभा में द्रौपदी को लाने चल पड़ता है, बिना उचित-अनुचित सोचे।
2. क्रूर और अभद्र: वह द्रौपदी के केश खींचकर उसे सभा में लाता है। स्त्री का सम्मान उसे नहीं आता।
3. अहंकारी: राजकुमार होने के मद में वह बड़ों और विद्वानों की उपस्थिति में भी मर्यादा भूल जाता है।
4. शक्ति का पुजारी: वह शस्त्र-बल को ही सत्य मानता है। नारी को दुर्बल समझकर उसका तिरस्कार करता है।
5. अन्त में पराजित: द्रौपदी को निर्वस्त्र करने के लिए हाथ बढ़ाता है, पर द्रौपदी के तेज के आगे काँप उठता है और असमर्थ हो जाता है।

निष्कर्ष:
दुःशासन पशुबल, अहंकार और अन्याय का प्रतीक है, जिसकी हार सत्य की जीत बनती है।
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